
कड्यावरचा गणपती (आंजर्ले) — चट्टान पर विराजे गणेश
विरासत: आंजर्ले में अरब सागर के ऊपर खड़ी चट्टान पर बसा, रत्नागिरी ज़िले के सबसे मशहूर मंदिरों में से एक। मूल रूप से 12वीं सदी में लकड़ी से बना और पेशवा काल में जीर्णोद्धार हुआ।
अनोखी खासियत: ज़्यादातर गणेश मूर्तियों की सूंड बाईं ओर मुड़ी होती है, लेकिन आंजर्ले की मूर्ति की सूंड दाईं ओर (उजव्या सोंडेचा गणपती) है — जिसका गहरा आध्यात्मिक महत्व है।
नज़ारा: पक्की सड़क सीधे ऊपर तक जाती है। मंदिर के पीछे व्यूपॉइंट से जोग नदी का मुहाना आंजर्ले बीच से मिलता दिखता है।




